Blog about Fantasy

Welcome to the new Fantasy.

This is default featured slide 1 title

Go to Blogger edit html and find these sentences.Now replace these sentences with your own descriptions.

Friday, November 23, 2012

यादों के पुलिंदे बना , शब्द चुरा लेती है जाड़ों की धूप!एहसासों में लिपटी हुई, बड़ी सुहाती है जाड़ों की धूप!! ...

Thursday, September 20, 2012

  मिलना-बिछड़ना तो रीत है ,याद रहें न रहें कोई ग़म नहीं, भूलें न इक-दूजे को तो प्रीत है!!!  ...

Saturday, August 18, 2012

जो बीत गया वो कल था, बड़ा बेसुरा पल था!कुछ साज़ तुम्हारे बिगड़े थे,कुछ साज़ हमारे बिगड़े थे अब छोड़ो क्या तकरार करें,खताएं भी क्या याद रखें!रुख़ पलटे तो सज़ा मिलेगी,"हज़म" किया तो दुआ मिले...

Friday, August 17, 2012

जब Zero दिया मेरे भारत ने

जब Zero दिया मेरे भारत ने ..भारत ने मेरे भारत ने ...यूँ scam न करना आसान था...देता न दशमलव भारत तो रुपये को गिराना मुश्किल था....घोटालो की फेहरिस्त बढती ही गयी ..बढती ही गयी ....ओ हो ओ हो ..... लोकतंत्र के भेस में जहाँ Autonomy राज़ करे उसकी बात सुनाते हैं भारत के रहने वाले हैं भारत की बात बताते है.....

Thursday, July 26, 2012

एक दौर था जो गुज़र गया!

एक दौर था जो गुज़र गया, कुछ वादे करके मुकर गया! एक मंज़र पर आकर ठहर गया, मन सोच के जिसको सिहर गया! एक दौर था ... उलझाने तमाम जो भर गया, सुलझाने खातिर बिखर गया! एक दौर था ...

Saturday, July 14, 2012

खामोश रात

  रात खामोश है, चाँद मदहोश है!तारों के आगोश में, हमें न होंश है!  झिलमिलाती निशा, सहलाती फिजा! घुंघरू की तरह, आ थिरकलें ज़रा!  मन मचल जाने दे, डर पिघल जाने दे! प्रहर के इस नीर में, अश्क घुल जाने दे! टूटा तारा कहीं, हमने मांगी दुआ! लम्हा मिले यही, फिर से सोलें ज़रा! A super duper thanks to Raghav Gautam for above pic ..awesome clicked poetry failed against this click:) Thanks! And the below one taken by Vipul Kulkarni thanks a lot...

Thursday, May 31, 2012

Street walk

 i want to take a walk into the street.  a lonely walk.  I want to take a confusing move. In this evening while moving i want to live with all my disappointments, problems, and unfulfilled aspirations. Maybe, I do not get a surprising twist. However, I will make them the strength to fight. I will find solace in doing so. I would feel happy at the expiration instead of beginning. It might be the better way of self-churning, self-contemplation. Probably...